अंतर्राष्ट्रीय

यूक्रेन में खोकवका बांध के टूटने से आई बाढ़, कई गांव और खेती की जमीन हुई तबाह

यूक्रेन। खोकवका बांध के टूटने से आई बाढ़ से 16 लोगों की मौत हो गई है और 31 लोग लापता हैं। यूक्रेन के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। छह जून को बांध के टूटने से कई गांव और बड़ी मात्रा में खेती की जमीन तबाह हो गई है। साथ ही बड़े इलाके में बिजली-पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि बांध किसी हमले में टूटा या फिर ढांचागत असफलता इसके टूटने की वजह बनी।

यूक्रेन का आरोप है कि रूस ने बांध पर हमला किया, जिससे बांध क्षतिग्रस्त हुआ। वहीं रूस, यूक्रेन पर उसके कब्जे वाले क्रीमिया पर हमले का आरोप लगा रहा है। यूक्रेन के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने बताया कि बाढ़ग्रस्त इलाकों से 3614 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें 474 बच्चे और 80 बुजुर्ग शामिल हैं। यूक्रेन के खेरसान और मिकोलेव प्रांत में अभी भी करीब 1300 घर बाढ़ से प्रभावित हैं।  यूक्रेन में करीब 14 लाख लोग खाकोवा बांध के टूटने से आई बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित दक्षिण खेरसान, निप्रोपेत्रोस्क और मिकोलेव क्षेत्र के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

यूक्रेन सरकार ने बाढ़ प्रभावितों को 42 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद देने का एलान किया है। साथ ही जिन लोगों की संपत्ति को बाढ़ से नुकसान हुआ है, उन्हें भी अलग से आर्थिक मदद दी जाएगी। रूस के कब्जे वाले खेरसान प्रांत के प्रमुख आंद्रे एलेक्सेंको ने बताया कि 29 लोगों की मौत हुई है। जिनमें से 12 लोग ओलेस्की और 13 लोग होला प्रिस्टन और चार लोग नोवा खाकोवा इलाके के हैं। बता दें कि खेरसान प्रांत यूक्रेन की निप्रो नदी के पश्चिमी तट पर बसा है। पहले यहां रूस का कब्जा था लेकिन बाद में यूक्रेन ने वापस इस पर कब्जा कर लिया। खेरसान का कुछ हिस्सा निप्रो नदी के पूर्वी तट पर भी है, जो अभी भी रूस के कब्जे में है।

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