उत्तराखंड

कांवड़ यात्रा में यातायात मैनेजमेंट को लेकर इस बार ड्रोन की होगी मुख्य भूमिका, चार करोड़ शिवभक्तों का होगा भव्य स्वागत

देहरादून। कांवड़ यात्रा में यातायात मैनेजमेंट को लेकर इस बार ड्रोन की मुख्य भूमिका होगी। इस बार कांवड़ के दौरान ड्रोन में हूटर फिट किए जाएंगे। यदि कहीं पर लड़ाई-झगड़े या हुड़दंग की स्थिति बनेगी तो ड्रोन वहां पहुंचकर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हूटर बजाएगा। इसके बाद जगह की लोकेशन कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जहां से फोर्स को मौके पर भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर शासन-प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि कांवड़ मेले में आने वाले शिवभक्तों को कोई भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। यातायात, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आदि व्यवस्थाओं में बिल्कुल भी लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों का भव्य स्वागत किया जाएगा। हेलीकाप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा भी की जाएगी। सीएम ने कांवड़ मेले से संबंधित सभी व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव आरके सुधांशु को सौंपी है। चार जुलाई से शुरू होने जा रही कांवड़ यात्रा में इस बार करीब चार करोड़ शिवभक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भीड़भाड़ अधिक होने के चलते पुलिस विभाग इस बार ड्रोन का इस्तेमाल अधिक से अधिक करने की योजना बना रहा है। इसी के तहत पुलिस विभाग की ओर से कुछ अभिनव प्रयोग किए गए हैं। इसमें ड्रोन पर हूटर लगाने की नई पहल है। इसके अलावा यातायात को संचालित करने के लिए भी इस बार ड्रोन मददगार साबित होंगे। यदि किसी रूट पर भीड़-भाड़ अचानक बढ़ जाती है और अचानक रूट प्लान बदलता है तो इसका अनाउंसमेंट भी ड्रोन के माध्यम से किया जाएगा।

कांवड़ यात्रा के चलते ऋषिकेश व हरिद्वार में अधिक भाड़ होने के चलते यहां पर चार ड्रोन लगाए जाएंगे। दो ड्रोन हरिद्वार और दो ऋषिकेश में लगेंगे। इसके लिए पुलिस वायरलेस के आठ जवानों की टीम तैयार की गई है, जोकि 30 जून को ऋषिकेश व हरिद्वार रवाना होंगे। टीमें दोनों जगह पहुंचकर पहले शहर का जायजा लेंगी कि ड्रोन कहां-कहां तैनात किए जाने हैं। इसके लिए विभाग ने 25 जवानों को ट्रेंड किया है। कांवड़ यात्रा में जुटने वाली भीड़ का डाटा परीक्षण करने के लिए उत्तराखंड पुलिस भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की के साथ एमओयू साइन करने जा रही है। आइआइटी की ओर से एक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल तैयार किया जा रहा है, जोकि भीड़ के बीच से विशेष व्यक्ति की पहचान करने में सहायक होगा।

इसके लिए आइआइटी रुड़की की ओर से पुलिस विभाग से कांवड़ यात्रा में जुटने वाली भीड़ का डाटा मांगा है। टूल यदि भीड़ के बीच से विशेष व्यक्ति की पहचान करने में सहायक होता है तो यह बड़ी उपलब्धि होगी। कांवड़ यात्रा में इस बार ड्रोन की अधिक मदद ली जाएगी। इस बार ड्रोन पर हूटर लगाए जा रहे हैं। यह रूट डायवर्ट के दौरान संदेश देने में सहायक होंगे। यात्रा के दौरान चार ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।

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