सिरमौर में युवती की हत्या के मामले में दोषी को उम्रकैद, अदालत ने लगाया 45 हजार रुपये का जुर्माना
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में युवती की हत्या से जुड़े करीब आठ साल पुराने मामले में पांवटा साहिब की अदालत ने फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कपिल शर्मा ने आरोपी शारिक रहमान को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा दी। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत कुल 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला न्यायवादी संदीपना ने बताया कि मामले की शुरुआत 14 नवंबर 2017 को हुई थी। शिकायतकर्ता वाजिद अली ने माजरा थाने में अपनी बेटी मुमताज के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच एएसआई सुभाष चंद ने की थी।
पुलिस की जांच के दौरान गुमशुदा युवती की तलाश जारी रही। करीब 12 दिन बाद मुमताज का शव हेवना मंदिर के पास एक ढांक में मिला। इसके बाद मामले में हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शारिक रहमान को दोषी ठहराया। उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत 25 हजार रुपये, धारा 364 के तहत 15 हजार रुपये और धारा 201 के तहत 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोषी को आजीवन कारावास भी भुगतना होगा।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 37 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए गए। अभियोजन की पैरवी उप जिला न्यायवादी जतिंदर शर्मा ने की। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर शारिक रहमान को दोषी माना, जबकि सबूतों के अभाव में मामले के दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया।

